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सिरदरà¥à¤¦ मिटाने वाली दवाओं की ओवरडोज ही सिरदरà¥à¤¦ की वजह
4 वरà¥à¤· पहले
पेनकिलर की ओवरडोज लेने से किडनी और िलवर डेमेज होता है। पेनकिलरà¥à¤¸ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को यही मालूम हैं। लेकिन दरà¥à¤¦ दूर करने के लिठली जाने वाली दवाई à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की वजह बन रही हैं। इससे लोग अनà¥à¤œà¤¾à¤¨ हैं। विशेष रूप से सिर दरà¥à¤¦ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाली दवाइयां लंबे समय तक लेने पर सिर दरà¥à¤¦ का कारण बन रही हैं। आजकल हैडेक à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® बन चà¥à¤•ा है। हलà¥à¤•ा सा हैडैक होने पर लोग पेनकिलर ले रहे हैं। यह पेनकिलर उनकी रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन चà¥à¤•ी है। लंबे समय तक रेगà¥à¤²à¤° ये पेनकिलर सीवियर हैडेक पैदा कर रही है। यह हैडैक बाद में दवाइयां लेने के बाद à¤à¥€ ठीक नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते लोगों की लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो रही है। वहीं, नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® à¤à¥€ बॠरही है। यहीं नहीं, रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में ली जाने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, नरà¥à¤µ पेन, बà¥à¤²à¤¡ और शà¥à¤—र मेडिसीन को ओवरयूज à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक साबित हो रहा है।
माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक हैडेक
सिर दरà¥à¤¦ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर पेनकिलर लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। पेनकिलर से रिलीफ मिलने पर पेशेंटà¥à¤¸ अपनी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° इन दवाइयों की फà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी बà¥à¤¾ देता है। जिसके चलते à¤à¤• मातà¥à¤°à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगातार ये दवाइयां खाने से ये à¤à¤• अलग तरह का हैडेक पैदा करती है। यह हैडैक माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ से अलग होता है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में यह पाया गया कि आईबà¥à¤°à¥‚फीन, कॉमà¥à¤¬à¤¿à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®, नींबू सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡ जैसी पेनकिलर लंबे समय तक लेने से उन लोगों में à¤à¥€ हैडेक हो जाता है। जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¤à¥€ हैडेक हà¥à¤† ही नहीं था। यह हैडेक इतना तेज होता है कि यह किसी à¤à¥€ दवाई से ठीक नहीं होता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पेशेंटà¥à¤¸ पहले ही पेनकिलर खा चà¥à¤•े होते हैं। इस दरà¥à¤¦ में टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। à¤à¥‡à¤¸à¥‡ में, इन पेशेंटà¥à¤¸ का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट करते हà¥à¤ इन दवाइयों को बंद किया जाता है। पेशेंटà¥à¤¸ का डिटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¿à¤•ेशन किया जाता है। यानी बॉडी से पूरा टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ निकाला जाता है। बिना पेन किलर उसका दरà¥à¤¦ ठीक किया जाता है। इसके लिठलाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में बदलाव, पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और मेडिटेशन करवाया जाता है। इस दरà¥à¤¦ को ठीक करने में तीन महीने का समय लगता है।
कौन-कौन सी मेडिसिन की ओवरडोज बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है हैडेक
कॉमà¥à¤¬à¤¿à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®, पैरासिटामोल, बà¥à¤°à¥‚फेन, निमà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ, नेपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¨à¥¤
कितने पà¥à¤°à¤•ार का होता है हैडेक
टेंशन हैडेक, कà¥à¤²à¤¸à¥à¤Ÿà¤° हैडेक, माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨, हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² हैडेक, कैफीन हैडेक, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और साइनस हैडैक, पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ और सैकंडरी
तेज सिर दरà¥à¤¦ का असर
पेशेंट दिनà¤à¤° कोई à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ नहीं कर पाता है। वह दिनà¤à¤° चिड़चिड़ा रहने के कारण सोता रहता है। सिर दरà¥à¤¦ की गोली खाता है। फिर सिरदरà¥à¤¦ बà¥à¤¤à¤¾ है।
बचने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें
सिंगल सालà¥à¤Ÿ की टेबलेट महीनेà¤à¤° में 15 से कम खाà¤à¤‚। कॉमà¥à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ वाले सालà¥à¤Ÿ की टेबलेट महीने में 10 से कम खाà¤à¤‚।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ पैनल : डॉ. सीबी सहाय, नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ, रिमà¥à¤¸, रांची, डॉ. जेके मितà¥à¤°à¤¾ फिजिशियन, रिमà¥à¤¸, रांची।
सिटà¥à¤°à¤¾à¤œà¤¿à¤¨ की ओवरडोज
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ को बना देती है डल
हैडैक के अलावा à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, गैस, जà¥à¤•ाम और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की दवाइयां à¤à¥€ रेगà¥à¤²à¤° खाते हैं। जà¥à¤•ाम और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर सिटà¥à¤°à¤¾à¤œà¥€à¤¨ बार-बार खाते हैं। इस टेबलेट की ओवरडोज लेने पर पेशेंटà¥à¤¸ को डलनैस महसूस होती है। वह हमेशा नींद में रहता है। इसके अलावा à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की दवाइयां खाने से à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो जाता है। पेशेंटà¥à¤¸ पेट में हलà¥à¤•ी सी जलन महसूस होने पर यह दवाइयां खाना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। इससे डाइजेशन के लिठजरूरी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ खतà¥à¤® हो जाता है। पेट की सà¥à¤•िन सिकà¥à¥œ जाती है। जिसकी वजह से विटामिन बी 12 की कमी होती है। इसके साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ चालू हो जाते हैं। वहीं, बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह हलà¥à¤•ी सी जà¥à¤•ाम और खांसी में à¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ लेना à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग à¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ का कोरà¥à¤¸ पूरा नहीं कर पाते हैं। इससे रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚टà¥à¤¸ डवलप होता है। डाइजेशन बिगड़ जाता है। इसिलठà¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ के ओवरयूज से बचे।
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